SIP क्यों बंद करवा रहे हैं लोग? क्या कोई बड़ा Crash आने वाला है?

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(Why Are People Stopping SIP? Is a Major Crash Coming?)

भारत में SIP (Systematic Investment Plan) म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में निवेश का सबसे लोकप्रिय तरीका रहा है। लेकिन हाल के महीनों में, कई रिपोर्ट्स और डेटा से पता चलता है कि कुछ निवेशक अपने SIP को बंद कर रहे हैं। इसके पीछे कारण क्या हैं? क्या यह डर है कि बाजार में कोई बड़ा क्रैश (Crash) आ सकता है? आइए विस्तार से समझते हैं।


SIP बंद करने के प्रमुख कारण

a. मार्केट वॉलैटिलिटी (Market Volatility)

2023-24 में, भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने उच्च वॉलैटिलिटी (Volatility) देखी है। Nifty और Sensex कई बार 10% से अधिक गिरे हैं। इस अस्थिरता के कारण नए निवेशक घबरा गए हैं और उन्होंने SIP रोक दिए हैं। AMFI (Association of Mutual Funds in India) के अनुसार, 2023 में SIP स्टॉप रेट 45% तक पहुंच गया, जो 2022 के 35% से अधिक है।

b. आर्थिक अनिश्चितता (Economic Uncertainty)

वैश्विक स्तर पर इन्फ्लेशन (Inflation) और ब्याज दरों (Interest Rates) में वृद्धि, भारत के GDP ग्रोथ में मंदी, और रुपये के अवमूल्यन (Depreciation) ने निवेशकों को चिंतित किया है। RBI की रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 में भारत की GDP ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्षों से कम है।

c. व्यक्तिगत वित्तीय दबाव (Personal Financial Pressures)

महंगाई और बेरोजगारी (Unemployment) ने घरेलू बचत को प्रभावित किया है। कई लोगों ने SIP जैसे लंबी अवधि के निवेश को कम करके अपनी मासिक खर्चों को प्राथमिकता दी है।

d. गलत सलाह या डर (Misinformation/Fear)

सोशल मीडिया और कुछ “फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स” द्वारा बाजार में आसन्न क्रैश की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इससे निवेशक SIP बंद करके नकदी (Cash) जमा कर रहे हैं।


विशेषज्ञों की सलाह

  • रुपी कॉस्ट एवरेजिंग (Rupee Cost Averaging): SIP का मुख्य फायदा यह है कि यह मार्केट के उतार-चढ़ाव में औसत खरीद कीमत कम करता है।
  • एसेट एलोकेशन (Asset Allocation): इक्विटी (Equity), डेट (Debt), और गोल्ड में संतुलित निवेश करें।
  • लॉन्ग-टर्म फोकस (Long-Term Focus): 5-10 साल के लक्ष्य के साथ SIP जारी रखें।

नोट: SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने चेतावनी दी है कि अफवाहों पर प्रतिक्रिया देकर SIP बंद करना नुकसानदायक हो सकता है।

बाजार की वर्तमान स्थिति

फरवरी 2025 के अंत तक, Nifty 50 इंडेक्स 22,124.70 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद से 1.86% नीचे था (Nifty 50 value and PE ratio | Constituents of Nifty 50)। यह गिरावट निवेशकों को चिंतित कर रही है, खासकर छोटे और मझोले शेयरों में, जहां सुधार की संभावना अधिक है।


विस्तृत विश्लेषण नोट

भारतीय शेयर बाजार की वर्तमान स्थिति, निवेशकों के व्यवहार, और भविष्य की संभावनाओं का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। यह नोट विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए है जो Systematic Investment Plans (SIP) और बाजार की गतिशीलता को समझना चाहते हैं।

Systematic Investment Plans (SIP) भारतीय निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय उपकरण हैं, जो नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने की अनुमति देता है। हाल के महीनों में, हालांकि, कई निवेशक अपनी SIPs को बंद कर रहे हैं, जो बाजार की अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता को दर्शाता है। हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि यह प्रवृत्ति क्यों उभरी है और क्या एक बड़ा बाजार Crash आने की संभावना है।

SIP को बंद करने के कारण

AMFI के नवीनतम डेटा के अनुसार, जनवरी 2025 में 61.33 लाख SIPs बंद किए गए, जो नए शुरू किए गए 56.19 लाख SIPs से अधिक थे (Mutual funds: Why are investors stopping their SIPs?)। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि पहले के महीनों में नए SIPs की संख्या बंद किए गए SIPs से अधिक थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अपनी निवेश की कीमत में तेज गिरावट के डर से पीछे हट रहे हैं। भारतीय शेयर बाजार ने 2024 के सितंबर में अपने उच्चतम स्तर 26,277 से 13% की गिरावट देखी है, और फरवरी 2025 तक Nifty 50 22,124.70 पर बंद हुआ (Indian stock market lags behind its global peers in 2025. Is the worst yet to come? | Stock Market News, Nifty 50 value and PE ratio | Constituents of Nifty 50 – Screener)। यह गिरावट निवेशकों को चिंतित कर रही है, खासकर जब छोटे और मझोले शेयरों में सुधार की संभावना अधिक है।

SIP क्यों बंद करवा रहे हैं लोग? क्या कोई बड़ा Crash आने वाला है?
SIP क्यों बंद करवा रहे हैं लोग? क्या कोई बड़ा Crash आने वाला है?

कुछ निवेशक वित्तीय आपात स्थितियों या अन्य प्राथमिकताओं के कारण भी अपनी SIPs को रोक रहे हैं। उदाहरण के लिए, निप्पन इंडिया म्यूचुअल फंड के अनुसार, लोग नौकरी छूटने, वेतन में कटौती, या वित्तीय लक्ष्यों में बदलाव के कारण SIPs को रोक सकते हैं।

क्या कोई बड़ा Crash आने वाला है?

बाजार Crash की भविष्यवाणी करना कठिन है, लेकिन कई जोखिम कारक हैं जो 2025 में अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं। JP Morgan की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाजार 2024 के उच्चतम स्तर से 20-30% तक गिर सकता है (Stock market will fall 20-30% from 2024 peak, predicts JP Morgan report)। इसकी मुख्य वजहें हैं:

    • आय दबाव: यदि कॉर्पोरेट आय अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती, तो शेयर की कीमतों में सुधार हो सकता है (Will the stock market crash in 2025? Watch out for these 6 risk factors)।
    • भू-राजनीतिक तनाव: युद्ध, व्यापार विवाद, या अन्य वैश्विक अनिश्चितताएं निवेशकों को बाजार से बाहर निकाल सकती हैं।
    • छोटे और मझोले शेयरों में अतिरिक्त मूल्यांकन: इन क्षेत्रों में बुलबुला फटने की संभावना है, जो बाजार को और नीचे खींच सकता है।
    • वैश्विक आर्थिक कारक: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति में देरी या चीन की आर्थिक वसूली बाजार को प्रभावित कर सकती है|

हालांकि, कुछ विशेषज्ञ सकारात्मक हैं। मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि मजबूत आय, मैक्रो स्थिरता, और घरेलू प्रवाह के साथ, भारतीय बाजार 2025 में उभरते बाजारों में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर सकता है (Sensex & Nifty in 2025: Predictions, targets, must-have stocks for the new year)। गोल्डमैन सैक्स ने Nifty 50 के लिए 27,000 का लक्ष्य रखा है, जो 13-16% की आय वृद्धि पर आधारित है।

आर्थिक संकेतक और बाजार की दिशा

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कुछ सकारात्मक संकेतक हैं। EY इंडिया के अनुसार, FY 2025 में भारत की GDP वृद्धि 7-7.2% रहने की उम्मीद है, जो मजबूत दीर्घकालिक वृद्धि चालकों को दर्शाता है (India Economic Pulse – EY India | EY – India)। हालांकि, मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे पर नजर रखना महत्वपूर्ण है, जो बाजार की अस्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

तुलनात्मक डेटा

निम्न तालिका में Nifty 50 और अन्य वैश्विक सूचकांकों की तुलना की गई है, जो भारत के प्रदर्शन को दर्शाती है:

सूचकांक2025 में परिवर्तन (%)टिप्पणी
Nifty 50-4.3फरवरी 2025 तक, सितंबर 2024 के उच्च से 13% नीचे ([Indian stock market lags behind its global peers in 2025. Is the worst yet to come?
Shanghai Composite+0.23चीन में स्थिर वृद्धि
Hang Seng (हांगकांग)+17एशियाई बाजारों में मजबूत प्रदर्शन
S&P 500 (अमेरिका)+2.46वैश्विक बाजारों में सकारात्मक

निवेशकों के लिए सुझाव

निवेशकों को अपनी जोखिम सहनशीलता और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। विविध पोर्टफोलियो बनाना, शेयरों और क्षेत्रों का शोध करना, और जोखिम प्रबंधन रणनीतियों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है (Indian Stock Market Outlook and Strategies in 2025)। वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना भी मददगार हो सकता है, खासकर जब बाजार अस्थिर हो।

अप्रत्याशित विवरण

एक अप्रत्याशित विवरण यह है कि जबकि भारतीय बाजार में गिरावट आई है, वैश्विक बाजार जैसे Hang Seng और S&P 500 में वृद्धि देखी गई है, जो भारत के लिए विशेष चुनौतियों को दर्शाता है।


निष्कर्ष

लोग अपनी SIPs को मुख्य रूप से वर्तमान बाजार सुधार और संभावित बड़े crash के डर से बंद कर रहे हैं। जबकि crash की संभावना अनिश्चित है, बाजार की भविष्यवाणियां मिश्रित हैं। निवेशकों को सूचित निर्णय लेने के लिए अपनी व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति और विशेषज्ञ सलाह पर विचार करना चाहिए।

 

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